share market crash :-

शेयर बाजार में आज हाहाकार मचा हुआ है। बीएसई सेंसेक्स दोपहर 12 बजे के करीब 5000 अंकों से ज्यादा नीचे गिर गया है। बीएसई सेंसेक्स भारी गिरावट के साथ 71,487 के स्तर पर ट्रेड कर रहा है। बीएसई सेंसेक्स आज सुबह गिरावट के साथ 76,285.78 के स्तर पर खुला था। इसके बाद share market crash से इसमें भारी गिरावट देखी जा रही है। सेंसेक्स के साथ निफ्टी में भी गिरावट देखी जा रही है। निफ्टी अभी 1500 अंकों से ज्यादा लुढ़कर 21,663.75 के स्तर पर पहुंच चुका है। शेयर बाजार आज सुबह गिरावट के साथ खुला था। आज आज चुनावी नतीजों के दिन शेयर बाजार में भारी गिरावट देखी जा रही है। सेंसेक्स 1300 अंकों की ज्यादा गिरावट के साथ खुला। सुबह सेंसेक्स 3200 अंकों की ज्यादा गिरावट के साथ 73,210 के स्तर पर ट्रेड कर रहा था। वहीं निफ्टी 400 अंकों से ज्यादा की गिरावट के साथ 22,808.40 के स्तर पर था

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डूब गए निवेशकों के पैसे :-

सोमवार को बाजार में तेजी से निवेशकों को 15 लाख करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था। आज वहीं निवेशकों को नुकसान का सामना करना पड़ा रहा है। बीएसई के एम-कैप डिटेल्स के अनुसार सोमवार को बीएसई में लिस्टिड कंपनियों का मार्केट कैपिटलाइजेशन 4,25,91,511.54 करोड़ रुपये था।

यह एम-कैप आज गिरकर 4,00,03,834.56 करोड़ रुपये हो गया है। इसका मतलब है कि शेयर बाजार में आई गिरावट से निवेशकों को 26 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।

अगर यही रहा हाल तो आज समय से पहले बंद हो जाएगा बाजार :-

 लोकसभा चुनाव की मतगणना शुरू होने और रुझान आने के साथ ही शेयर बाजार में भगदड़ मच गई. आलम ये रहा कि सेंसेक्स में कोरोनाकाल के बाद पहली बार 6100 अंकों से ज्यादा की गिरावट पर ट्रेडिंग कर रहा तो निफ्टी भी 5 फीसदी से अधिक टूट गया है. बाजार में लोअर सर्किट की आशंका भी बलवती हो गई है. ऐसे में बाजार नियामक सेबी ने कुछ-कुछ समय के लिए ट्रेडिंग रोकने का फैसला किया है. हालांकि, ऐसा तभी होगा जब बाजार में लोअर सर्किट लगेगा.

बाजार नियामक सेबी ने  बाकायदा टाइमिंग जारी किया है. बीच-बीच में दो बार ट्रेडिंग रोकने के बाद आखिरकार आज बाजार को करीब एक घंटे पहले ही बंद कर दिया जाएगा. अगर तीसरी बार भी लोअर सर्किट लगता है तो. ऐसा निवेशकों की सुरक्षा के लिए किया जा रहा है. सेबी के अनुसार, 4 जून को 2.30 बजे के बाद बाजार में ट्रेडिंग नहीं होगी. सेबी की मंशा निवेशकों का पैसा डूबने से बचाना है, क्योंकि बाजार में आज लगातार गिरावट से लाखों करोड़ रुपये डूब गए.

Corona के बाद सबसे बड़ी गिरावट :-

मंगलवार को गिरावट के चलते निवेशकों को बड़ा नुकसान हुआ है और BSE MCap के मुताबिक, उनकी करीब 40 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति स्वाहा हो गई है. खास बात ये है कि Stock Market में आई इस बड़ी गिरावट देश में कोरोना महामारी के प्रकोप के दौरान आई गिरावट से भी बड़ी है. उस समय सेंसेक्स करीब 6 फीसदी के आस-पास टूटा था और मंगलवार को Sensex 7.97 में फीसदी तक, जबकि NIFTY 50 में 8.37 फीसदी की गिरावट आ चुकी है. 

पहला कारण- एग्जिट पोल के अनुमान नहीं बना हकीकत

अब बात करते हैं शेयर बाजार में मंगलवार को आई बड़ी गिरावट के पीछे के कारणों की, तो चार प्रमुख वजह देखने को मिल रही है, जिनका असर मार्केट पर दिखाई दिया है. इनमें एग्जिट पोल के अनुमानों का हकीकत में तब्दील ना होना सबसे पहला है. दरअसल, Exit Poll में  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार (NDA Govt) को 361-401 सीटें मिलने का अनुमान जताया था, लेकिन रिजल्ट डे पर खबर लिखे जाने तक एनडीए 295 सीटों पर जीतती दिखाई दे रही है. ऐसे में एग्जिट पोल के अनुमान जारी होने के बाद बाजार में आई तूफानी तेजी नतीजे वाले दिन सुनामी मे  तब्दील हो गई. 

दूसरा कारण- BJP को पूर्ण बहुमत नहीं!

शेयर बाजार में गिरावट का दूसरा कारण भी चुनावी नतीजों से ही जुड़ा हुआ है. दरअसल, एग्जिट पोल में जो अनुमान जाहिर किए जा रहे थे, उनमें भारतीय जनता पार्टी (BJP) को स्पष्ट बहुमत मिलने की बात की जा रही थी. लेकिन मंगलवार को जब वोट खुलने शुरू हुए, तो दोपहर 12 बजे तक  लगभग साफ हो गया कि देश में बीजेपी पूर्ण बहुमत की सरकार नहीं बनाती नजर आ रही. इसका असर भी शेयर बाजार पर गिरावट के रूप में देखने को मिला और काउंटिंग आगे बढ़ते-बढ़ते शेयर बाजार में गिरावट भी लगातार तेज होती नजर आई.  

तीसरा कारण- विदेशी निवेशकों की बेरुखी

भारतीय शेयर बाजार में विदेशी निवेशकों की बेरुखी लगातार देखने को मिल रही है और ये लगातार बढ़ती जा रही है. इसका अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं कि विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) ने मई में भारतीय शेयर बाजार से 25,586 करोड़ रुपये की निकासी की है.  ये आंकड़ा इससे पिछले महीने यानी अप्रैल 2024 में 8700 करोड़ रुपये था. यहां खास बात ये है कि करीब दो दशक बाद एफपीआई द्वारा इतनी बड़ी निकासी की गई है.NSDL के आंकड़ों के मुताबिक, साल 2004 में विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजारों से 3248 रुपये की निकासी की थी.  

चौथा कारण- निवेशकों का सेंटीमेंट बिगड़ा

एग्जिट पोल के अनुमानों का हकीकत न बनना, बीजेपी को स्पष्ट बहुमत न मिलता और विदेशी निवेशकों की बेरुखी के चलते शेयर बाजार में इन्वेस्ट करने वाले निवेशकों के सेंटीमेंट पर विपरीत असर पड़ा है. मंगलवार को शेयर मार्केट में जोरदार बिकवाली देखने को मिली और और Reliance से लेकर Tata तक, Adani से लेकर SBI तक के शेयर भरभराकर टूटे हैं. इनमें 18 से 23 फीसदी तक की बड़ी गिरावट देखने को मिली है. निवेशकों का सेंटिमेंट गड़बड़ाने को भी भारतीय बाजार में गिरावट का एक कारण माना जा सकता है.